Field Notes: सूचना व संचार तकनीक (ICT) पर स्कूलों की निर्भरता

13 April 2021
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स्कूल शिक्षा के लिए राज्य सरकारों के बजट के साथ भारत सरकार भी शिक्षा योजना के माध्यम से फंड का आवंटन करती है | वित्त वर्ष 2018-19 में भारत सरकार ने प्राथमिक से उच्चतर स्तर तक सभी बच्चों के लिए समावेशी और गुणवत्ता युक्त शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समग्र शिक्षा योजना की शुरूआत की |

एकाउंटेबिलिटी इनिशिटिव द्वारा जारी समग्र शिक्षा बजट ब्रीफ के अनुसार यह योजना शिक्षा मंत्रालय की सबसे बड़ी योजना है | वित्त वर्ष 2021-22 में समग्र शिक्षा के लिए 31,050 करोड़ रुपये आवंटित किए गए |

शिक्षा के क्षेत्र में आज भी भारत के समक्ष कई चुनौतियां हैं, और महामारी के दौरान स्कूल बंद होने के कारण नयी मुश्किलें भी पैदा हो गयीं | सरकार द्वारा इन मुश्किलों को दूर करने के लिए अलग-अलग कदम उठाये गए |

महामारी के कारण स्कूल बंद होने से डिजिटल शिक्षा पर ज़ोर बढ़ा | सरकार ने सूचना व संचार तकनीक (ICT) तथा टेलीविजन, रेडियो, मोबाइल फोन और ऑनलाइन पोर्टल जैसे प्लेटफार्मों के माध्यम से डिजिटल सामग्री साझा करके शिक्षण को जारी रखने का प्रयास किया | डिजिटल माध्यम से शिक्षा प्रदान करने के लिए एक सर्वव्यापी कार्यक्रम ‘PM eVIDYA’ भी लॉन्च किया गया |

महामारी ने ICT पर निर्भरता बढ़ा दी, और शिक्षकों से इसका व्यापक उपयोग करने की उम्मीद की जाने लगी | लेकिन, महामारी से पहले सरकारी स्कूलों में ICT के लिए ज़रूरी बुनियादी ढांचे की उपलब्धता अधिकांश राज्यों में नहीं थी | समग्र शिक्षा बजट ब्रीफ के अनुसार 18 राज्यों के आंकलन से पता चला कि शैक्षणिक वर्ष 2018-19 में कुल सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में से केवल 28 प्रतिशत के पास कंप्यूटर और 12 प्रतिशत के पास इंटरनेट कनेक्शन था | इंटरनेट कनेक्शन वाले स्कूलों की संख्या अधिकांश राज्यों के लिए 30 प्रतिशत से कम थी |

ज़मीनी स्तर के प्रयासों को समझने के लिए इनसाइड डिस्ट्रिक्ट श्रंखला के अंतगर्त हमने शिक्षकों और अभिभावकों से भी बात की | बातचीत से पता चला कि बच्चों के पास ऑनलाइन शिक्षा के लिए स्मार्टफोन, इंटरनेट जैसी सुविधाएँ नहीं हैं | अगर स्मार्ट फ़ोन और इंटरनेट की सुविधा है भी तो ग्रामीण क्षेत्र में नेटवर्क की समस्या रहती है | जिस घर में एक फ़ोन है, वहां पर अभिभावक काम पर फ़ोन ले कर जाते हैं और बच्चों के पास ऑनलाइन पढाई करने के लिए कोई संसाधन नहीं होता |

महामारी की वजह से सभी गतिविधियाँ प्रभावित हुईं, नामांकन पर भी इसका असर पड़ा | लेकिन सरकार को इन परिस्थितियों के बावजूद यह प्रयास करना है कि बच्चों और शिक्षकों को एक दूसरे से जोड़े रखें |

सीमा मुस्कान एकाउंटेबिलिटी इनिशिटिव में सीनियर पैसा एसोसिएट के पद पर कार्यरत हैं |

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